- Bollywood’s Favourite Jodi - Saifu and Bebo lagayenge Hasi Ke Tyo-Ha-Ha-Har mein chaar chaand only on The great Indian Kapil Show
- Disha Patani leaves fans curious as she drops a series of cryptic stories: There are humans amongst us
- It’s October Season! 7 Bollywood Actors Who Are Your Libra–Scorpio Twins — Rekha, Aditi Rao Hydari to Kunal Kapoor
- मिराया होटल एंड रिज़ॉर्ट्स ने धनंजय श्रीवास्तव को क्लस्टर जनरल मैनेजर नियुक्त किया
- भारत की नंबर 1 EV अब INDULGE के लिए तैयार है!
ऑनलाइन धोखाधड़ी के ख़िलाफ़ एयरटेल की सख़्त कार्रवाई: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 40 लाख यूज़र्स को रियल टाइम में सुरक्षा प्रदान की
इंदौर, जून 2025: भारत की अग्रणी टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल (“एयरटेल”) ने मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बढ़ती ऑनलाइन धोखाधड़ी के ख़िलाफ़ अपने मिशन में उल्लेखनीय प्रगति की घोषणा की है। देशभर में एआई-आधारित फ्रॉड डिटेक्शन सिस्टम के लॉन्च के तहत एयरटेल ने मध्य प्रदेश में मात्र 41 दिनों के भीतर 40 लाख से अधिक यूज़र्स को सफलतापूर्वक ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाया है।
यह अत्याधुनिक सुरक्षा प्रणाली सभी एयरटेल मोबाइल और ब्रॉडबैंड ग्राहकों के लिए ऑटोमैटिक रूप से एक्टिवेट होती है। यह एसएमएस, व्हाट्सऐप, टेलीग्राम, फेसबुक, इंस्टाग्राम, ईमेल और अन्य ब्राउज़र्स पर भेजे गए लिंक को स्कैन और फ़िल्टर करती है। यह तकनीक रियल टाइम थ्रेट इंटेलिजेंस (साइबर ख़तरों की तात्कालिक जानकारी) का इस्तेमाल करती है और रोज़ाना 1 अरब से ज़्यादा यूआरएल का विश्लेषण करती है। किसी भी खतरनाक साइट पर पहुंचने से पहले यह सिस्टम महज 100 मिलीसेकंड में उसे ब्लॉक कर देता है।
उदाहरण के लिए, अगर इंदौर का कोई निवासी यह संदिग्ध संदेश प्राप्त करता है: “आपका पार्सल डिले हो गया है। इसे ट्रैक करें: http://www.tracky0urparcell.com और वह व्यक्ति अगर बिना सत्यता जाने, उस लिंक पर क्लिक करता है, तो एयरटेल का एआई-सिस्टम तुरंत सक्रिय हो जाता है। यह उस लिंक को स्कैन करता है और अगर वह संदिग्ध पाया जाता है, तो साइट को ब्लॉक कर देता है। यूज़र को एक चेतावनी संदेश पर रीडायरेक्ट कर दिया जाता है, जिसमें लिखा होता है: “ब्लॉक कर दिया गया! एयरटेल ने इस साइट को ख़तरनाक पाया है!” यह पूरा प्रोसेस रियल टाइम में, एक पल में होता है। इसी तरह के त्वरित इंटरसेप्शन से हर तरह के ऑनलाइन धोखाधड़ी से यूज़र्स को बचाया जा रहा है।
इस पहल पर अपने विचार व्यक्त करते हुए, रितेश अग्रवाल, सीईओ – मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़, भारती एयरटेल ने कहा, “एयरटेल में हमारे ग्राहकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। हमें यह घोषणा करते हुए गर्व हो रहा है कि मध्य प्रदेश में हमने दुनिया का पहला एआई-संचालित फ्रॉड डिटेक्शन सॉल्यूशन लॉन्च किया है — एक ऐसी नवाचारपूर्ण पहल जिसे लगातार बढ़ते साइबर खतरों से हमारे ग्राहकों को सुरक्षित रखने के लिए तैयार किया गया है। जैसे-जैसे डिजिटल जोखिमों का दायरा और जटिलता बढ़ रही है, हमारा समाधान नेटवर्क के भीतर ही सक्रिय सुरक्षा प्रदान करता है — वह भी ग्राहकों के लिए पूरी तरह निशुल्क। हमें विश्वास है कि यह उन्नत तकनीक दोनों राज्यों के ग्राहकों को मजबूत सुरक्षा प्रदान करेगी और उन्हें डिजिटल दुनिया में पूरी आत्मविश्वास के साथ संलग्न होने में सक्षम बनाएगी।”
इस पहल के बारे में अपने बयान में, श्री ए. साई मनोहर (आईपीएस), एडीजीपी, राज्य साइबर – मुख्यालय, भोपाल, (एमपी), ने टिप्पणी की, “साइबर वित्तीय धोखाधड़ी और घोटालों से निपटने के प्रयासों को तेज करने की तत्काल आवश्यकता है। यह केवल मजबूत धोखाधड़ी रोकथाम रणनीतियों और एआई/एमएल के उपयोग के माध्यम से ही संभव है। उन्होंने एयरटेल की इसके प्रभावी धोखाधड़ी का पता लगाने वाले समाधान के लिए प्रशंसा की, डिजिटल सुरक्षा बढ़ाने और ऑनलाइन नुकसान को कम करने में सहयोग के महत्व पर प्रकाश डाला।”
मध्य प्रदेश को देश के सबसे अधिक डिजिटल रूप से विकसित राज्यों में गिना जाता है, लेकिन इसके साथ ही यहां ऑनलाइन धोखाधड़ी की घटनाएं भी तेज़ी से बढ़ रही हैं — चाहे शहरी क्षेत्र हों या ग्रामीण। फ़्रॉड करने वाले अब फिशिंग लिंक, नकली डिलीवरी संदेश और जाली बैंक अलर्ट के ज़रिए लोगों को निशाना बना रहे हैं। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, रीवा और सतना जैसे शहरों के साथ-साथ मुरैना, शिवपुरी, खंडवा और बैतूल — जैसे ज़िलों में ऐसे मामलों में तेज़ उछाल देखा गया है। एयरटेल का यह समाधान पूरे राज्य के लिए एक डिजिटल सुरक्षा कवच का कार्य करता है – परिवारों, बुज़ुर्गों, गृहणियों, छात्रों और पहली बार स्मार्टफोन इस्तेमाल कर रहे यूज़र्स तक को साइबर अपराध से बचा रहा है।
यह एआई-संचालित प्लेटफ़ॉर्म यूज़र्स को उनकी पसंदीदा भाषा में फ्रॉड अलर्ट भेजता है, जिसमें हिंदी भी शामिल है। इससे यह राज्य की विविध भाषाई और सामाजिक पृष्ठभूमि वाले लोगों के लिए बेहद उपयोगी बन गया है। यह बहुभाषी सुविधा विशेष रूप से उन क्षेत्रों में प्रभावशाली साबित हो रही है जहां डिजिटल साक्षरता सीमित है या अंग्रेज़ी भाषा का उपयोग कम होता है।
यह समाधान बैकग्राउंड में बिना किसी अतिरिक्त इंस्टॉलेशन के चुपचाप काम करता है और ग्राहकों के लिए पूरी तरह मुफ़्त है। मध्य प्रदेश जैसे डिजिटल रूप से अग्रणी राज्य, जहां ऑनलाइन बैंकिंग से लेकर सरकारी सेवाएं तक तेजी से डिजिटल हो रही हैं, वहां एयरटेल की यह पहल एक सुरक्षित और भरोसेमंद डिजिटल इकोसिस्टम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। चाहे जबलपुर का कोई प्रोफेशनल हो, ग्वालियर की गृहिणी या भोपाल का छात्र- एयरटेल हर डिजिटल इंटरैक्शन को पहले से कहीं ज़्यादा सुरक्षित बना रहा है।
लॉन्च के बाद मात्र 41 दिनों में ही एयरटेल ने पूरे देश में 1.86 लाख से ज़्यादा खतरनाक लिंक्स को ब्लॉक किया है और 9.56 करोड़ से अधिक ग्राहकों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से सुरक्षित किया है।


